सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी विभाग

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  • डाटा सेन्टर @ सी एस आर्इ आर- सीमैप ,लखनऊ
आईसीटी सेवाएँ और गतिविधियां

सूचना एवं संचार तकनीकी विभाग (आईसीटी) का मुख्य उद्देश्य संस्थान में संजाल (नेटवर्किंग), ई-मेल एवं कम्प्यूटर सेवाएं उपलब्ध कराना है। विभाग का मुख्य क्रियाकलाप ई-मेल सेवा का उच्चीकरण, वेबसाइट, इण्टरनेट, डीएचसीपी, डीएनएस, रूटर, ब्रिज, एण्टी वायरस, बैक-अप, एवं डाटाबेस सर्वर का रखरखाव है। सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) रिमोट सेंन्सिंग तथा जीआईएस तकनीक संस्थान का शोध केन्द्र विन्दु है। संस्थान का लोकल एरिया नेटवर्क (एल.ए.एन.) का जाल जो लगभग 350 कम्प्यूटरों से जुड़ा हुआ है तथा पूरे सीमैप कैम्पस में फैला हुआ है। इस नेटवर्क में फाइबर केबिल, यूटीटीपी केबिल एवं स्विच का उपयोग किया गया है। वाह्य संसार से इस संस्थान के इण्टरनेट को जोड़ने के लिए 14 मेगाबाइट्स रेडियो लिंक का एक्सेस प्रदान किया गया है। इसी प्रकार ई-मेल एवं इण्टरनेट सेवाओं को सभी कम्प्यूटर से जोड़ा गया है। आईसीटी ने एक नया डाटा सेन्टर स्थापित करने के लिए प्रयास शुरु कर दिये है। नये सर्वर के लिए उच्चीकृत इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि की व्यवस्था पूर्ण कर ली गयी है। नेटवर्क (संजाल) की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय फायरवाल तथा एन्टीवायरस व्यवस्था लागू की गयी है। विभाग कई प्रकार के इन हाउस डाटाबेस, अप्लीकेशन्स (Standalone & Web) एस0एम0एस0 आधारित कृषि सलाह एवं परम्परागत ज्ञान के अंकरूपण (Digitization) एवं विकास में शामिल है। औषधीय एवं सगंध पौधों के इनवेन्ट्राइजेशन (सूचीबद्ध) तथा संरक्षण के अध्ययन हेतु संस्थान का शोध फोकस सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) तथा जीआईएस सर्वे पर भी आधारित है।