• जैवप्रौद्योगिकी विभाग
जैवप्रौद्योगिकी संक्षिप्त विवरण

1. पौधे के माध्यमिक चयापचय और इसके विनियमन का आणविक जीव विज्ञान: मोनो, सेस्की, त्रिको-टेरपेन, बेंज़िल-आइसोक्विनोलोन अल्कालॉयड (बीआईए), टेरपेनॉयड इंडोल अल्कालॉयड (टीआईए) जैव संष्लेषण पथों से जीन पूर्वेक्षण ; ट्रांसक्रिप्शनल नियामकों की भूमिका और माध्यमिक चयापचय में उनकी भागीदारी को परिभाषित करना; पथ अभियांत्रिकी के लिए जीनोमिक्स; चयापचय और आनुवंशिक विविधता के आधार के लिए अभिव्यक्ति की रूपरेखा; विभिन्न पादप प्रजाति विकास के लिए प्रजनन और पहचान के लिए डीएनए मार्कर।

2. पादप ऊतक कल्चर: उनन्त प्लाजम की सूक्ष्म क्लोनिंग; कोशिका एवं रोमी जड़ों (हेयरी रूट्स) द्वारा पादप रसायनों का उत्पादन उत्पादन ; आनुवांशिक वृद्धि के लिए सोमाकॉनल प्रजनन; जैव-विविधता संरक्षण के लिए ऊतक बैंकिंग; प्रोटोप्लास्ट कल्चर और सोमैटिक संलयन ; पथ अभियांत्रिकी के लिए आनुवंशिक परिवर्तन ।

3. जीन / बायोएक्टिव अणुओं / उत्पादों के लिए प्राकृतिक संसाधनों में संभावनाएं तलाशना : संवेदनशील और ड्रग प्रतिरोधी उपभेदों (बैक्टीरिया, कवक, मलेरिया परजीवी) के विरुद्ध सक्रिय एंटी-संक्रमण रोधी एजेंटों की खोज ; चयापचय और अन्य जीवन शैली विकारों के लिए क्रूड ड्रग / अर्कों / अणुओं का जैव पूर्वेक्षण ; औषधीय एवं सगंध (औस ) पौधों एवं उनके उत्पादों का सुरक्षा मूल्यांकन ।

4. जैवसूचनाविज्ञान(बायोइन्फरमेटिक्स) और इनसिलीको जीवविज्ञान : इनसिलीको जीनोमिक्स और प्रोटिओमिक्स ; आणविक गतिशीलता अध्ययन,एमआईआरएनए एवं उनके लक्ष्यों की पहचान ; जीन अभिव्यक्ति का विश्लेषण , डीएनए(ड) बारकोडिंग।

 
 
 
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